बिहार सरकार ने जमीन रजिस्ट्री (दस्तावेजीकरण) की प्रक्रिया में बड़े सुधार करते हुए नए नियम लागू किए हैं। इन नए प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, जमीन संबंधी विवादों को कम करना और आम नागरिकों के लिए रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल एवं डिजिटल बनाना है। यदि आप बिहार में जमीन खरीदने-बेचने की योजना बना रहे हैं, तो इन नए नियमों को समझना आपके लिए अत्यंत जरूरी है।
नए नियमों के मुख्य बदलाव: क्या कुछ नया है?
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रजिस्ट्री का पूर्ण डिजिटलीकरण:
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अब e-Registration या Dharani पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्री की जा सकती है।
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खरीदार और विक्रेता को अब रजिस्ट्री कार्यालय (Registration Office) में उपस्थित होने की अनिवार्यता नहीं है। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी रजिस्ट्री करा सकते हैं।
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जमीन की मौजूदा कीमत (Current Market Value) में बदलाव:
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सरकार ने जमीन का एक नया कलेक्टर रेट (Circle Rate) तय किया है, जो वास्तविक बाजार भाव के अधिक करीब है।
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अब रजिस्ट्री इसी अपडेटेड रेट पर होगी, जिससे स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क की गणना अधिक पारदर्शी तरीके से होगी।
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समय सीमा में कमी:
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नए नियमों के तहत, एक बार सभी दस्तावेज जमा हो जाने के बाद, रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक निश्चित समय सीमा (जैसे 7 से 15 दिन) तय की गई है।
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जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगाम:
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एक व्यक्ति द्वारा एक निश्चित सीमा से अधिक जमीन खरीदने पर अब प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
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इसका उद्देश्य जमीन की जमाखोरी (Hoarding) पर रोक लगाना है।
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ऑनलाइन रजिस्ट्री की प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
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आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: सबसे पहले बिहार भू-राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग के आधिकारिक पोर्टल biharbhumi.bihar.gov.in या Dharani पोर्टल पर जाएँ।
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रजिस्ट्रेशन/लॉगिन: एक नागरिक के रूप में पंजीकरण करें या लॉग इन करें।
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“e-Registration” चुनें: मेनू से “ई-रजिस्ट्री” या “ऑनलाइन रजिस्ट्री” का विकल्प चुनें।
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फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें:
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खरीदार और विक्रेता का विवरण भरें।
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जरूरी दस्तावेज जैसे 7/12 (खतौनी), रसीद नंबर 2, स्केच ऑफ लैंड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें।
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शुल्क का भुगतान: ऑनलाइन स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क का भुगतान करें।
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वीडियो वेरिफिकेशन: निर्धारित तिथि और समय पर वीडियो कॉल के माध्यम से पहचान सत्यापित करें।
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ई-रजिस्ट्री डॉक्यूमेंट प्राप्त करें: प्रक्रिया पूरी होने के बाद, रजिस्ट्री किए गए दस्तावेज (डीड) की एक सॉफ्ट कॉपी आपके ईमेल या पोर्टल अकाउंट में उपलब्ध हो जाएगी।
नए नियमों के फायदे
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पारदर्शिता: सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से दलालों और भ्रष्टाचार पर अंकुश।
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सुविधा: घर बैठे रजिस्ट्री कराने की सुविधा।
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समय की बचत: लंबी कतारों और बार-बार दफ्तर के चक्कर लगाने से मुक्ति।
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दस्तावेजों की सुरक्षा: सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित।
रजिस्ट्री के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची
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खरीदार और विक्रेता का आधार कार्ड (अनिवार्य)
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पैन कार्ड
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जमीन के कागजात: खतौनी/7-12, रसीद नंबर-2
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नक्शा (स्केच)
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शपथ पत्र (अगर जरूरत हो)
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पासपोर्ट साइज फोटो
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बैंक ड्राफ्ट/चेक (स्टाम्प ड्यूटी के लिए)
आम नागरिकों के लिए सावधानियां
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जमीन की लीगल चेक करवाएं: रजिस्ट्री से पहले किसी वकील से जमीन की कानूनी जांच (Title Search) अवश्य करवाएं।
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अनुपस्थिति में रजिस्ट्री: अगर कोई पक्ष रजिस्ट्री के लिए उपस्थित नहीं हो सकता, तो उसे एक विशेष शक्ति-प्राधिकार पत्र (Special Power of Attorney) तैयार करवाना चाहिए।
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दस्तावेजों की क्रॉस-चेकिंग: ऑनलाइन पोर्टल पर दिखाए गए जमीन के विवरण की तुलना मूल कागजातों से अवश्य करें।
निष्कर्ष
बिहार सरकार के ये नए कदम निश्चित रूप से राज्य में जमीन रजिस्ट्री के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं। ये सुधार आम आदमी को सशक्त बनाने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास हैं। हालाँकि, इन डिजिटल प्रक्रियाओं में पारंगत होने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन अंततः यह व्यवस्था पारदर्शिता और सुविधा के मामले में पुराने तरीकों से कहीं बेहतर साबित होगी।
FAQ
Q1: बिहार सरकार ने जमीन रजिस्ट्री के नियमों में क्या मुख्य बदलाव किए हैं?
A1: बिहार सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटाइज कर दिया है। अब ऑनलाइन e-Registration और Dharani पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्री की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, जमीन के कलेक्टर रेट (Circle Rate) को बाजार भाव के करीब लाया गया है, रजिस्ट्री की समय सीमा कम की गई है, और जमीन की जमाखोरी रोकने के लिए खरीद पर प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं।
Q2: क्या अब जमीन की रजिस्ट्री के लिए रजिस्ट्री कार्यालय जाना अनिवार्य है?
A2: नहीं, नए नियमों के तहत खरीदार और विक्रेता को अब रजिस्ट्री कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य नहीं है। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी अपनी पहचान सत्यापित कराकर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
Q3: नए नियमों से जमीन की कीमत (कलेक्टर रेट) कैसे प्रभावित हुई है?
A3: सरकार ने जमीन का एक नया कलेक्टर रेट (Circle Rate) तय किया है, जो वास्तविक बाजार भाव के अधिक करीब है। अब स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क की गणना इसी अपडेटेड रेट पर होगी, जिससे प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आएगी।






