
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा मतदाता सूचियों को अद्यतन और शुद्ध करने के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की अहम जानकारी यहां दी जा रही है। उत्तर प्रदेश में यह प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर, 2025 के बीच चली।
एसआईआर (SIR) क्या है और क्यों जरूरी है?
एसआईआर एक विशेष प्रक्रिया है जिसका मुख्य उद्देश्य देश की मतदाता सूचियों को सटीक और अद्यतन बनाना है। इसके जरिए नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, मृतकों के नाम हटाए जाते हैं और गलत पतों या विवरणों को सुधारा जाता है। यह प्रक्रिया चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। यह अभियान अब तक 12 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के 321 जिलों में चलाया जा चुका है, जिसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है।
एसआईआर उत्तर प्रदेश: प्रमुख तिथियों का कैलेंडर
निम्नलिखित तालिका में उत्तर प्रदेश के लिए एसआईआर की सभी महत्वपूर्ण तिथियों का विवरण दिया गया है:
| कार्य / चरण | निर्धारित तिथि |
|---|---|
| गणना फॉर्म वितरण एवं जमा करने की अवधि | 4 नवंबर – 4 दिसंबर 2025 |
| संशोधित ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन | 9 दिसंबर 2025 |
| दावे (Claims) एवं आपत्तियाँ (Objections) दर्ज करने की अवधि | 9 दिसंबर 2025 – 8 जनवरी 2026 |
| सुनवाई एवं सत्यापन प्रक्रिया | 9 दिसंबर 2025 – 31 जनवरी 2026 |
| अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन | 7 फरवरी 2026 |
महत्वपूर्ण श्रेणियाँ और आवश्यक दस्तावेज
एसआईआर फॉर्म भरते समय, आवेदकों को उनकी जन्म तिथि के आधार पर निम्नलिखित चार श्रेणियों में बांटा गया था। प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग दस्तावेजों की आवश्यकता थी:
श्रेणी A: जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है और नाम 2003 की मतदाता सूची में भी है।
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आवश्यक दस्तावेज: केवल 2003 की मतदाता सूची की प्रति।
श्रेणी B: जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है, लेकिन नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है।
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आवश्यक दस्तावेज: निर्दिष्ट 11 दस्तावेजों (जैसे जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र) में से कोई एक।
श्रेणी C: जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ है।
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आवश्यक दस्तावेज: 1) स्वयं का जन्म प्रमाण, और 2) माता या पिता में से किसी एक का जन्म प्रमाण।
श्रेणी D: जिनका जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है।
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आवश्यक दस्तावेज: 1) स्वयं का जन्म प्रमाण, 2) पिता का जन्म प्रमाण, और 3) माता का जन्म प्रमाण।
नोट: यदि माता-पिता का नाम 2003 की मतदाता सूची में है, तो उनके जन्म प्रमाण के लिए केवल उस सूची की प्रति पर्याप्त होती है।
अगले चरण: ड्राफ्ट सूची और सुधार का मौका
गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि (4 दिसंबर 2025) बीत जाने के बाद, अगला महत्वपूर्ण कदम 9 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन है। इस सूची में उन सभी नामों को शामिल किया जाएगा जिनके फॉर्म बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को प्राप्त हुए।
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दावे और आपत्ति कैसे दर्ज करें? यदि 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बीच प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में आपका नाम छूट गया है या कोई विवरण गलत है, तो आप इस अवधि में संबंधित निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में आवेदन करके दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
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ऑनलाइन विकल्प: मतदाता चुनाव आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in से भी संबंधित फॉर्म डाउनलोड कर सकते थे। किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 या 1800-180-1950 पर संपर्क किया जा सकता है।
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मृतकों का नाम हटाना: परिवार के सदस्य पीले रंग के फॉर्म के माध्यम से मृतक मतदाताओं का नाम सूची से हटवा सकते हैं।
निष्कर्ष
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मतदाता सूची को साफ-सुथरा और अद्यतन बनाने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उत्तर प्रदेश में फॉर्म जमा करने की तिथि समाप्त हो चुकी है, लेकिन 9 दिसंबर 2025 को जारी होने वाली ड्राफ्ट सूची की जाँच करना और यदि आवश्यक हो तो 8 जनवरी 2026 तक दावा या आपत्ति दर्ज करवाना अब भी महत्वपूर्ण है। अंतिम एवं संशोधित सूची 7 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। सभी मतदाताओं से अनुरोध है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं ताकि चुनावी लोकतंत्र मजबूत बन सके।






