
23 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत राज्य भर के जिलों में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने की घोषणा की गई है। यह कार्यक्रम बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले युवक-युवतियों को विवाह के अवसर पर सहायता प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य उन लड़कियों और लड़कों को प्रोत्साहित करना है जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण विवाह नहीं कर पा रहे हैं। इस योजना के तहत 23 जनवरी 2026 को सभी योग्य जोड़ों का विवाह जिला-स्तर पर एक साथ कराया जाएगा। इस आयोजन में शामिल होने और लाभ पाने के लिए कुछ शर्तें और निर्देश हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है।
आवेदन की प्रक्रिया और पात्रता
शासन द्वारा तय पात्रता मानदंडों के अनुसार, वर-वधु को आवेदन पत्र 07 जनवरी 2026 तक अपने जिलों के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय, रायसेन में जमा करना था। निर्धारित समय के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यदि आवेदनकर्ताओं की संख्या अधिक हो जाती है तो चयन लॉटरी पद्धति के माध्यम से किया जाएगा, जिससे निष्पक्षता बनी रहे।
आवेदन में निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता है:
पारिवारिक आय और गरीबी रेखा (BPL) से जुड़ा प्रमाण
आधार-आधारित ई-केवाईसी
अनापत्ति प्रमाण पत्र (जनपद पंचायत या नगर निगम द्वारा जारी)
वैवाहिक आयु की पुष्टि — कन्या के लिए न्यूनतम 18 वर्ष तथा वर के लिए न्यूनतम 21 वर्ष का प्रमाण।
सामूहिक विवाह कार्यक्रम कैसे होगा
यह कार्यक्रम जिला-स्तर पर सभी पात्र जोड़ों के लिए आयोजित होगा। जिन जोड़ों को इस योजना के तहत चयनित किया जाएगा, उन्हें विवाह के अवसर पर सरकारी सहायता राशि ₹49,000/- सीधे कन्या के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से प्रदान की जाएगी। इस राशि का उद्देश्य विवाह की प्रारंभिक खर्चों को कम करना और आर्थिक भार को कम करना है।
आयोजन के लिए मुख्य रूप से नगर पालिका, जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर और नोडल अधिकारियों ने योजना को सुचारू रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समारोह के आयोजन और प्रचार-प्रसार के लिए स्थानीय जनपद पंचायतों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को भी उत्तरदायी बनाया गया है।
सही मायनों में योजना का महत्व
यह योजना उन परिवारों के लिए एक आर्थिक सहारा है, जो विवाह जैसे महत्त्वपूर्ण जीवन-कार्य को अपनी सीमित आय के कारण टाल देते हैं। सामूहिक विवाह कार्यक्रम पारंपरिक सामाजिक बाधाओं और महँगे खर्चों को कम करता है तथा विवाह को एक सामाजिक रूप से सम्मानजनक और स्वाभिमानी अनुभव बनाता है। राज्य सरकार का यह कदम कई परिवारों की आर्थिक समस्याओं को हल करने में मदद करेगा और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देगा।
विस्तार से देखें तो यह कार्यक्रम न केवल विवाह संबंधित खर्चे को कम करता है बल्कि सामाजिक बराबरी, गैर-भेदभाव, और सशक्तिकरण जैसे मूल्यों को भी बढ़ावा देता है। जिस तरह से आयोजन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, उससे यह स्पष्ट है कि सरकार इसे व्यापक रूप से लाभकारी बनाना चाहती है।
बार्शिक योजनाएं एवं इससे जुड़ी अन्य जानकारी
इस कार्यक्रम के अलावा मध्य प्रदेश में कई सामाजिक योजनाएं चल रही हैं जो महिलाओं के उत्थान, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना इन्हीं पहलों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में संतुलन बनाना है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना क्या है?
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक समाज-कल्याण योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले वर-वधु को विवाह में सहायता प्रदान करना है।
2. इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए किन शर्तों का पालन जरूरी है?
पात्रता के लिए आवेदनकर्ता को गरीबी रेखा (BPL), आयु (कन्या 18+, वर 21+), आधार-आधारित ई-केवाईसी और अनापत्ति प्रमाण पत्र आदि मानदंड पूरे करना आवश्यक है।
3. सहायता राशि कितनी दी जाएगी?
सरकार के निर्देश के अनुसार चुनिंदा जोड़ों को ₹49,000/- की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जाएगी।
4. लॉटरी पद्धति क्यों अपनाई जाती है?
यदि योग्य आवेदकों की संख्या अनुमोदित सीमा से अधिक होती है, तो निष्पक्ष चयन के लिए लॉटरी पद्धति का उपयोग किया जाता है।
5. अंतिम आवेदन की तारीख क्या थी?
आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 07 जनवरी 2026 थी, जिसके बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।






