केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का नाम बदलने का एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत इस ऐतिहासिक योजना का नया नाम “विकसित भारत — गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” यानी “VB-G Ram G Bill, 2025” होगा। यह कदम सरकार द्वारा पिछले कुछ वर्षों में योजनाओं, मंत्रालयों और यहां तक कि ऐतिहासिक स्थलों के नाम बदलने की एक लंबी शृंखला की नवीनतम कड़ी है।
वैचारिक बदलाव: ‘उपनिवेशवाद से मुक्ति’ का अभियान
विश्लेषक इस नाम परिवर्तन को सरकार के व्यापक “उपनिवेशवाद से मुक्ति” (Decolonization) के वैचारिक अभियान का हिस्सा मानते हैं। इस अभियान का लक्ष्य अंग्रेजी शासन की विरासत और मैकालेवादी सोच से दूरी बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल के भाषणों में भी इस दिशा में संकेत मिले हैं।
इस प्रक्रिया में दो स्पष्ट पैटर्न देखे जा सकते हैं:
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हिंदीकरण और सांस्कृतिक पहचान: नए नामों को अक्सर हिंदी में रखा जा रहा है, जैसे कि “कर्तव्य पथ”, “सेवा तीर्थ” और अब “वीबी-जी राम जी”। यह हिंदी भाषा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहन देने की नीति को दर्शाता है।
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राजनीतिक विरासत का पुनर्लेखन: पुरानी योजनाओं से नेहरू-गांधी परिवार के नाम हटाए जा रहे हैं और उनकी जगह भाजपा-जनसंघ की विचारधारा से जुड़े नेताओं (जैसे दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी) के नाम या नए सांकेतिक नाम जोड़े जा रहे हैं।
विपक्ष की आलोचना: “पैकेजिंग और ब्रांडिंग” का आरोप
विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, ने इस कदम की तीखी आलोचना की है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार पुरानी और सफल योजनाओं का केवल “पैकेजिंग और ब्रांडिंग” बदलकर उन पर अपना दावा करना चाहती है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि सरकार “योजनाओं और कानूनों का नाम बदलने में माहिर” है।
कांग्रेस ने 32 ऐसी योजनाओं की एक सूची भी जारी की है, जिनके नाम बदले जाने का उन्होंने हवाला दिया है।
अन्य प्रमुख उदाहरण: योजनाओं, मंत्रालयों और कानूनों के नए नाम
एमजीएनआरईजीए अकेला उदाहरण नहीं है। सरकार ने कई प्रमुख योजनाओं, मंत्रालयों और यहां तक कि आधारभूत कानूनों के नाम भी बदले हैं।
योजनाओं के नाम में बदलाव:
| पुराना नाम | नया नाम | वर्ष |
|---|---|---|
| इंदिरा आवास योजना (IAY) | प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) | 2016 |
| जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (JNNURM) | अटल मिशन (AMRUT) | 2015 |
| राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना | दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना | 2015 |
मंत्रालयों और कानूनों में बदलाव:
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मंत्रालय: मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) का नाम बदलकर फिर से “शिक्षा मंत्रालय” किया गया।
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ऐतिहासिक कानून: भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और साक्ष्य अधिनियम की जगह क्रमशः भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) लागू किए गए।
निष्कर्ष
“वीबी-जी राम जी” बिल केवल एक योजना का नाम बदलने तक सीमित मामला नहीं है। यह एक बड़ी राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रक्रिया का प्रतिबिंब है, जिसमें राष्ट्रीय पहचान, भाषा और इतिहास की व्याख्या को नए सिरे से परिभाषित किया जा रहा है। जहां सरकार इसे “विकसित भारत” की दिशा में एक सकारात्मक कदम और औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति बताती है, वहीं विपक्ष इसे मौजूदा उपलब्धियों पर “ब्रांडिंग” करने और इतिहास से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को मिटाने का प्रयास मानता है। यह बहस आने वाले समय में देश की राजनीतिक और सांस्कृतिक बातचीत का एक अहम हिस्सा बनी रहेगी।
FAQ
1. “VB-G Ram G Bill, 2025” का पूर्ण रूप क्या है?
“VB-G Ram G Bill, 2025” का पूर्ण रूप “विकसित भारत — गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” है।
2. सरकार के अनुसार इन नाम परिवर्तनों का अंतिम लक्ष्य क्या है?
सरकार इसे “विकसित भारत” की दिशा में एक सकारात्मक कदम और औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति बताती है, जो राष्ट्रीय पहचान, भाषा और इतिहास की नई व्याख्या का हिस्सा है।
3. विपक्ष सरकार के इन नाम परिवर्तनों को किस रूप में देखता है?
विपक्ष इसे मौजूदा उपलब्धियों पर “ब्रांडिंग” करने और इतिहास से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को मिटाने का प्रयास मानता है।






