राजस्थान सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026 के लिए किसानों की आय को सुरक्षित रखने हेतु सरसों एवं चना की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद प्रक्रिया की विस्तृत रूपरेखा जारी कर दी है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पंजीकरण और खरीद की तिथियाँ अलग-अलग निर्धारित की गई हैं, ताकि किसानों को अधिकतम सुविधा प्रदान की जा सके। यह लेख आपको इस पूरी प्रक्रिया, महत्वपूर्ण तिथियों, आवश्यक दस्तावेजों और अन्य उपयोगी जानकारी से अवगत कराएगा।
1. खरीद प्रक्रिया का क्षेत्रवार कार्यक्रम
राज्य में राजफेड (राजस्थान राज्य सहकारी विपणन संघ) के माध्यम से यह खरीद की जाएगी। सुविधा के लिए दो अलग-अलग क्षेत्रीय समूह बनाए गए हैं:
| क्षेत्रीय कार्यालय | ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ तिथि | खरीद प्रारंभ तिथि |
|---|---|---|
| कोटा, अजमेर, भरतपुर, श्रीगंगानगर | 15 मार्च 2026 | 25 मार्च 2026 |
| जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर | 20 मार्च 2026 | 1 अप्रैल 2026 |
विशेष ध्यान दें: पहले समूह के अंतर्गत आने वाले जिलों में खरीद 25 मार्च से प्रारंभ हो जाएगी, जबकि दूसरे समूह के जिलों में यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू होगी।
2. पंजीकरण प्रक्रिया एवं आवश्यक दिशा-निर्देश
किसानों को केवल ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा। पंजीकरण के बाद ही वे निर्धारित खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेच सकेंगे। इस प्रक्रिया में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:
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बायोमीट्रिक पहचान अनिवार्य: खरीद के समय किसानों की बायोमीट्रिक पहचान (आधार आधारित) की जाएगी। इसलिए पंजीकृत मोबाइल नंबर और आधार कार्ड साथ रखना अनिवार्य है।
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एसएमएस सूचना: पंजीकरण के बाद किसानों को उनके मोबाइल पर खरीद केंद्र, तिथि और समय की सूचना भेजी जाएगी। किसानों को निर्धारित तिथि पर ही केंद्र पर जाना है।
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एफएक्यू मानक: केवल एफएक्यू (फेयर एवरेज क्वालिटी) मापदंडों को पूरा करने वाली फसल की ही खरीद की जाएगी।
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समय सीमा: निर्धारित तिथि से अधिकतम 10 दिनों के भीतर ही तुलाई (वजन) करवाना अनिवार्य है, ताकि भुगतान में देरी न हो।
3. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और खरीद लक्ष्य
केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026 के लिए घोषित एमएसपी और राजस्थान के लिए निर्धारित खरीद लक्ष्य इस प्रकार हैं:
| फसल | एमएसपी (प्रति क्विंटल) | राज्य में खरीद लक्ष्य (लाख टन) |
|---|---|---|
| सरसों | ₹ 6,200 | 13.78 |
| चना | ₹ 5,875 | 5.53 |
महत्वपूर्ण: यह खरीद लक्ष्य राज्य सरकार द्वारा तय किया गया है। यदि आवश्यकता होती है तो इसे बढ़ाया भी जा सकता है।
4. सहायता हेल्पलाइन और खरीद केंद्र
किसानों की सुविधा के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जहां वे खरीद प्रक्रिया से संबंधित किसी भी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
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टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-180-6001
उदाहरण के लिए, जयपुर जिले में किसानों की सुविधा के लिए 42 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। अन्य जिलों में भी इसी प्रकार से केंद्र बनाए जाएंगे। किसान अपने नजदीकी खरीद केंद्र की जानकारी हेल्पलाइन या संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।
5. किसानों के लिए विशेष सुझाव
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पंजीकरण समय से करें: पंजीकरण की अंतिम तिथि से पहले ही ऑनलाइन पंजीकरण पूरा कर लें।
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दस्तावेज तैयार रखें: भूमि स्वामित्व के दस्तावेज, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पंजीकृत मोबाइल नंबर साथ रखें।
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फसल की गुणवत्ता बनाए रखें: फसल को साफ-सुथरा, सूखा और नमी रहित रखें ताकि वह एफएक्यू मानकों में पास हो सके।
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भुगतान की स्थिति ट्रैक करें: तुलाई के बाद भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में आएगा। किसी भी देरी की स्थिति में हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: क्या सभी किसान इस योजना में पंजीकरण कर सकते हैं?
उत्तर: हां, राजस्थान के वे सभी किसान जिनके पास भूमि स्वामित्व के वैध दस्तावेज हैं और जिन्होंने सरसों या चना की खेती की है, वे पंजीकरण कर सकते हैं।
प्रश्न 2: क्या ऑफलाइन पंजीकरण की भी सुविधा है?
उत्तर: नहीं, इस वर्ष केवल ऑनलाइन पंजीकरण ही मान्य होगा। किसान सीएससी सेंटर या अपने नजदीकी सहकारी समिति कार्यालय में जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं।
प्रश्न 3: यदि मैं निर्धारित तिथि पर खरीद केंद्र नहीं जा पाता हूँ तो क्या होगा?
उत्तर: निर्धारित तिथि से अधिकतम 10 दिन के भीतर ही तुलाई करवाई जा सकती है। इसके बाद पुनः नई तिथि के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
प्रश्न 4: एफएक्यू मानक क्या है? क्या नमी की मात्रा निर्धारित है?
उत्तर: एफएक्यू का अर्थ है उचित औसत गुणवत्ता। सरसों और चना दोनों में नमी की अधिकतम मात्रा 8-10 प्रतिशत निर्धारित है। इससे अधिक नमी होने पर खरीद नहीं की जाएगी।
प्रश्न 5: भुगतान कितने दिनों में होगा?
उत्तर: तुलाई के बाद आमतौर पर 7 से 10 कार्य दिवसों के भीतर भुगतान किसान के बैंक खाते में सीधे स्थानांतरित (डीबीटी) कर दिया जाता है।
प्रश्न 6: क्या एक किसान अपनी पूरी उपज बेच सकता है या कोई सीमा है?
उत्तर: राज्य सरकार द्वारा तय खरीद लक्ष्य के अंतर्गत ही खरीद की जाती है। हालांकि, यदि पंजीकृत किसानों की उपज अधिक आती है तो सरकार अतिरिक्त खरीद की भी व्यवस्था कर सकती है।
निष्कर्ष
राजस्थान सरकार द्वारा सरसों और चना की एमएसपी पर खरीद का यह अभियान किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। समय पर पंजीकरण, सही दस्तावेज और निर्धारित तिथियों का पालन करके किसान अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-180-6001 पर संपर्क करें। इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आय को सुरक्षित रखें और राज्य की खाद्य सुरक्षा में योगदान दें।






